Rejaulkk

Sunday, 5 August 2018

कैसे ना मर मिटू उस पर यारों   पगली  रूठ कर भी कहती है सुनो सँभल कर जाना..

छीन कर हाथो से सिगरेट वो कुछ इस अंदाज़ से बोली, 
कमी क्या है इन होठों में जो तुम सिगरेट पीते हो
तू भी आजमा ले ऐ जिन्दगी तुझे किसने रोका है ..... #Attitude अपना बेमिसाल है , जिसे देखकर तू क्या? .. हर कोई #चौका है
#धोखा 💔 मिला #जब_प्यार में, 
#ज़िंदगी ✊ में #उदासी_छा गयी , 
#सोचा_था छोड़ दें #इस_राह को, 
कम्बख़त #मोहल्ले में दूसरी आ गयी ।
Published by Rejaul karim kh 

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